Lok Sabha: देश में आर्थिक मंदी का 0% खतरा, जानिए संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या दावा किया

Written By डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Updated: Aug 01, 2022, 08:57 PM IST

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने विपक्ष पर तंज भी कसा कि उनकी चर्चा महंगाई से जुड़ी असल चिंताओं के बजाय राजनीतिक एंगल वाली ज्यादा हैं. इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने लोक सभा से वॉकआउट कर दिया.

डीएनए हिंदी: दुनिया भर में आर्थिक मंदी की चर्चा हो रही है. दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और चीन भी इसके खौफ से घबराए हुए हैं, लेकिन भारत में आर्थिक मंदी का कोई असर नहीं होने जा रहा है. यह दावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को भारतीय संसद में किया. 

सीतारमण ने लोक सभा (Lok Sabha) में कहा कि तमाम तरह के विपरीत हालात में भी भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा काम कर रही है. फिलहाल देश में आर्थिक मंदी की संभावना 0% है. 

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महंगाई पर चर्चा को लेकर विपक्ष पर कसा तंज

सीतारमण ने महंगाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्ष पर तंज कसा. उन्होंने कहा, कई सदस्यों की तरफ से उठाए कुछ मुद्दों को छोड़कर मुझे लगता है कि मौजूदा चर्चाएं मूल्य वृद्धि में राजनीतिक एंगल तलाशने वाली ज्यादा हैं, बजाय इसके कि इन्हें महंगाई को लेकर डाटा से उठ रही असली चिंताओं पर केंद्रित होना चाहिए. उन्होंने कहा, इसलिए मैं भी थोड़ा राजनीतिक जवाब ही देने की कोशिश करूंगी. 

दुनिया में क्या हो रहा है, उस हिसाब से देखिए

सीतारमण ने कहा, हमें देखना होगा कि फिलहाल दुनिया में क्या हो रहा है. दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का क्या स्थान है. उन्होंने कोरोनावायरस (Corona Virus) का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने इससे पहले कभी ऐसी महामारी नहीं देखी थी. हममें से हर एक ने अपने संसदीय क्षेत्रों के लोगों की अतिरिक्त सहायता करने की कोशिश की है. 

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उन्होंने कहा, महामारी के प्रभावों से बाहर आने के लिए हर कोई (सांसद और राज्य सरकारें) अपने स्तर पर काम कर रहा है. वरना भारत वहां नहीं होता, जहां बाकी दुनिया के मुकाबले खड़ा है. इसके लिए मैं देशवासियों को श्रेय देती हूं.

खराब हालात में भी हम दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था

वित्त मंत्री ने कहा, पिछले 2 साल में वर्ल्ड बैंक, IMF और दूसरी वैश्विक संस्थाओं ने वैश्विक विकास दर और भारत की विकास दर के बारे में कई बार आकलन जारी किए हैं. खराब हालात के बावजूद हम उस स्थिति में खड़े हैं कि सबसे तेज अर्थव्यवस्था के तौर पर पहचाने गए हैं.

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उन्होंने कहा, हर बार जब उन्होंने (वैश्विक एजेंसियों ने) के आकलन में विश्व की विकास दर उस अवधि में अनुमान से कम रही है.  भारत की भी विकास दर अनुमान से कम रही, लेकिन हर बार हमारी विकास दर दुनिया के बाकी देशों से ज्यादा आंकी गई है. 

ब्लूमबर्ग कह चुका है कि भारत में मंदी का खतरा नहीं

सीतारमण ने कहा, वित्त वर्ष के दूसरी तिमाही में अमेरिका की GDP में 0.9% की गिरावट हुई है, जबकि पहली तिमाही में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई थी. इसे वैश्विक एजेंसियों ने अनौपचारिक आर्थिक मंदी का नाम दिया है, लेकिन भारत में मंदी या मुद्रास्फीति के कारण होने वाली आर्थिक मंदी का सवाल ही नहीं उठता. ब्लूमबर्ग (Bloomberg) भी अपने सर्वे में कह चुका है कि भारत में आर्थिक मंदी आने की संभावना 0% है.

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विपक्ष ने किया वित्त मंत्री के जवाब का बहिष्कार

मूल्य बढ़ोतरी पर चल रही चर्चा के दौरान जब वित्त मंत्री ने जवाब देना शुरू किया तो कांग्रेस के सांसदों ने इसका बहिष्कार करि दिया. कांग्रेस के सभी सांसद लोक सभा से बाहर चले गए. बाद में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, वित्त मंत्री का जवाब बेहद निराशाजनक है. सरकार का रवैया ऐसा है, मानो देश में कोई महंगाई नहीं है और लोग त्रस्त नहीं हैं. यदि 140 करोड़ लोगों की आवाज उठा रहे विपक्ष की चिंताओं पर आपकी यह प्रतिक्रिया है तो इसे क्यों सुना जाए.

रघुराम राजन के बयान का दिया हवाला

वित्त मंत्री ने पूर्व RBI गवर्नर व प्रख्यात अर्थशास्त्री रघुराम राजन (Raghuram Rajan) के बयान का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा, शनिवार को रघुराम राजन ने कहा था कि RBI ने भारत में फॉरेक्स एक्सचेंज रिजर्व (विदेश मुद्रा भंडार) बढ़ाने में अच्छा काम किया है. यह भारत को उन समस्याओं से बचाकर रखेगा, जिनका सामना श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश कर रहे हैं.

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वित्त मंत्री ने ये बातें भी कहीं

  • भारत में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक के सकल NPA 2022 में 6 साल के सबसे निचले स्तर 5.9% पर हैं
  • चीन के 4000 बैंक दिवालिया होने के कगार पर हैं, लेकिन भारत में फंसा हुआ कर्ज लगातार घट रहा है.
  • सरकार पर GDP का 56.9% कर्ज ही बाकी है, IMF के डेटा के हिसाब से दूसरे देशों में औसतन सरकार पर GDP का 86.9% कर्ज है. 
  • दुनिया में रूस-यूक्रेन संकट, चीन के कई हिस्सों में लॉकडाउन, कोविड वेव आदि से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित है.
  • इसके बावजूद भी केंद्र सरकार देश में महंगाई को लगातार 7% से नीचे रखने की कोशिश कर रही है.
  • GST रेवेन्यू पिछले 5 महीने से लगातार 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक आ रहा है. 
  • 8 इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जून में डबल डिजिट में बढ़ोतरी हुई, जबकि कोर सेक्टर जून में 12.7% वार्षिक दर से बढ़ा है.
  • ये सब भारतीय अर्थव्यवस्था की तरफ से मिलने वाले बहुत ही सकारात्मक संकेत हैं.

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कल राज्यसभा में जवाब देंगी निर्मला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार शाम को राज्य सभा में भी मूल्य बढ़ोतरी पर जवाब देंगी. इससे पहले मूल्य बढ़ोतरी पर ऊपरी सदन में दोपहर 2 बजे से चर्चा होगी. कांग्रेस की सांसद फूलो देवी नेताम (Phulo Devi Netam) और TMC सांसद डैरेक ओ'ब्रायन समेत 16 विपक्षी सांसदों ने नियम 176 के तहत चर्चा के लिए नोटिस दिया हुआ है. 

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