Cyber Crime: UPI का इस्तेमाल करें संभलकर, नहीं होंगे जालसाजी का शिकार

डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Updated:Jan 16, 2022, 01:12 PM IST

ज्यादातर लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं, लेकिन इससे बचने के भी कई रास्ते हैं.

डीएनए हिंदी: डिजिटल ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाया है उतना ही साइबर धोखाधड़ी (UPI transaction fraud) ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया है. आज के समय में छोटे शहरों से लेकर दूर-दराज गांव के इलाकों में भी लोग यूपीआई (UPI), जीपे (GPay), पेटीएम (Paytm) और फोनपे (PhonePe) से भुगतान करने लगे हैं. ये पेमेंट ऐप जितना सुविधाजनक है, उतने ही इसके नुकसान भी हैं. 

हम बता दें कि यूपीआई (UPI) बिना किसी बैंक जानकारी के बैंक खाताधारकों को वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) के जरिए पैसे भेजने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है. वहीं जालसाज फोन कॉल या चैट में आपसे वर्चुअल पेमेंट एड्रेस मांगते हैं. इसलिए यहां हम आपको साइबर धोखाधड़ी (UPI transaction fraud) का शिकार होने से बचने के लिए कुछ टिप्स बताएंगे जिन्हें इस्तेमाल करके आप जालसाजी से बच सकते हैं.

UPI क्या है ?

UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस भुगतान करने का एक सोशल प्लेटफार्म है. इस सुविधा से आप किसी को भी कहीं से भी मोबाइल के जरिये पेमेंट कर सकते हैं. हालांकि क्या आपको पता है कि कोई भी आपके UPI कोड से आपके साथ धोखाधड़ी कर सकता है?

अपना पिन नहीं साझा करें 

चाहे कोई कितना भी आपका विश्वसनीय हो कभी भी किसी के साथ अपने UPI का पिन साझा नहीं करें. गलती से अगर पिन साझा हो गया है तो जल्द से जल्द इसे बदल दें.

ऐप को अपडेट करते रहें

अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए UPI ऐप को लगातार अपडेट करते रहिए. बता दें कि, इसमें सुरक्षा अपग्रेड्स शामिल होते हैं, जो आपके ऐप को इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित बनाते हैं.

स्ट्रोंग पासवर्ड रखें 

धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने फोन और अपने पेमेंट एप्स का पासवर्ड हमेशा स्ट्रोंग रखें. आमतौर पर लोग अपने जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या किसी और जगह का अनुमानित नंबर इस्तेमाल करते हैं, जिससे जालसाजी का खतरा बढ़ जाता है. अपने पासवर्ड को मजबूत बनाए के लिए हमेशा स्पेशल कैरेक्टर, अक्षर और नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण - Dna@123.

अंजान लिंक से बचें

हमें ज्यादातर अंजान फोन या ईमेल पर क्लिक करने के लिए लिंक आते हैं उन पर कभी भी क्लिक नहीं करें. इन मेल या फोन के जरिए वह हमें आकर्षक ऑफर देकर हमें अपनी जालसाजी का आसानी से शिकार बना लेते हैं. अगर कोई आपसे ओटीपी (OTP) या पिन जैसी चीजें मांगता है तो कभी भी ऐसी जानकारी नहीं दें क्योंकि बैंकर कभी भी आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगेंगे.

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