Delhi Air Quality: दिल्ली में दो हफ्ते बाद दिखा नीला आसमान, जानिए अब कितना है AQI

Written By डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Updated: Nov 11, 2023, 11:40 AM IST

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Delhi Air Quality: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार होने के बाद अब दो हफ्ते बाद आसमान नीला दिखने लगा है और लोगों को राहत मिली है.

डीएनए हिंदी: दिल्ली में आज सुबह हल्की धूप खिलने के साथ ही साफ-नीला आसमान दिखा और लोगों को पिछले दो सप्ताह से जारी दमघोंटू धुंध से राहत मिली. शनिवार सुबह सात बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 219 दर्ज किया गया, जो गुरुवार के पिछले 24 घंटे के औसत एक्यूआई 437 से काफी बेहतर है. दिल्ली के मौसम में यह सुधार पिछले 30 से 32 घंटों में रुक-रुककर हुई बारिश और हवा की अच्छी गति के कारण हुआ है. दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद की हवा भी साफ हुई है लोगों को तमाम समस्याओं से थोड़ी राहत मिल गई है.

दिल्ली में 28 अक्टूबर के बाद से हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' के बीच दर्ज की गई है. पड़ोसी शहर गुरुग्राम में AQI 181, गाजियाबाद में 157, ग्रेटर नोएडा में 131, नोएडा में 148 और फरीदाबाद में 174 दर्ज किया गया, जो वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है. बता दें कि AQI 0 से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 450 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. एक्यूआई के 450 से ऊपर हो जाने पर इसे 'अति गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.

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हवा की रफ्तार ने कर दी मदद
मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि हल्की बारिश और हवाओं के चलते दीपावली से पहले दिल्ली की हवा थोड़ी साफ हो सकती है. अधिकारियों ने कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से, भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाए जाने से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी. आईएमडी के अधिकारी ने पहले कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे दीपावली (12 नवंबर) से पहले प्रदूषक तत्वों के तितर-बितर होने की संभावना है.

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दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 38 प्रतिशत प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था. शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान गुरुवार को 33 प्रतिशत जबकि शुक्रवार को 17 प्रतिशत रहा था. आंकड़ों में परिवहन को भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया है, जो दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा में 12 से 14 प्रतिशत का योगदान दे रहा है. 

स्कूलों में हो गई हैं छुट्टियां
भारतीय कृषि अनुसंधान संगठन के प्रधान वैज्ञानिक विनय कुमार सहगल ने अनुमान जताया है कि बारिश के कारण अगले दो-तीन दिन पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं कम होंगी. दिल्ली सरकार शहर में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर से निपटने के लिए 20 या 21 नवंबर को कृत्रिम बारिश कराने की योजना बना रही है. सरकार ने सभी विद्यालयों में दिसंबर में होने वाली छुट्टियों का समय बुधवार को बदल दिया और अब शीतकालीन अवकाश 9 नवंबर से 18 नवंबर तक रहेगा. 

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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार ने ऑड-ईवन योजना फिलहाल स्थगित कर दी है क्योंकि बारिश के कारण शहर की वायु गुणवत्ता बहुत सुधर गई है. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता की समीक्षा करेगी और फिर यदि प्रदूषण स्तर बहुत बढ़ जाता है, तो इस योजना को लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है.

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