दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी है. इस साल दशहरा पर दिल्ली की हवा पिछले पांच सालों के मुकाबले सबसे साफ रही है. इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 155 रहा. हालांकि, विशेषज्ञों की राय है कि कल यानी रविवार को हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है. दशहरे पर पूरे देश में रावण के पुतले फूंके गए. दिल्ली सरकार के निर्देश पर पटाखों पर प्रतिबंध था. इस वजह से बड़ी रामलीला समितियों ने पुतलों में पटाखे नहीं लगाए लेकिन गली-मोहल्लों में रावण के पुतलों में पटाखे लगाए गए. दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों से पुतलों में पटाखे लगाने की खबरें भी सामने आईं.
एनसीआर में साफ रही हवा
शनिवार को एनसीआर में भी हवा साफ रही. यहां फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 109, गाजियाबाद का 177, ग्रेटर नोएडा का 150, नोएडा का 136 और गुरुग्राम में 120 रहा. वायु गुणवत्ता पराली जलाने से भी खराब होती है. भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, वायु प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 0.585 फीसदी दर्ज की गई. तो वहीं, रविवार को हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 0.18 प्रतिशत और सोमवार को 0.273 फीसदी होने का अनुमान है.
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सुबह-शाम की ठंड
दशहरे के दिन एक्यूआई 155 और साल 2020 में 349 था. वहीं, पिछले साल 2023 में दशहरे के अलगे दिन एक्यूआई 243 था. इस अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी रविवार को भी हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है. इसी के साथ दिल्ली में सुबह-शाम की ठंड शुरू हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य से दो डिग्री नीचे न्यूनतम तापमान लुढ़का है.
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