डीएनए हिंदी: संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को निर्मम तरीके से रिकवरी करने के लिए आगाह किया है. उन्होंने बैंकों द्वारा लोन रिकवरी करने को लेकर कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशील और मानवीय आधार पर कार्रवाई की जाए. उन्होंने निजी व सरकारी बैंकों को लोन वसूली के दौरान ग्राहकों से सख्ती से पेश नहीं आने का निर्देश दिया है. आइए जानते हैं कि वित्त मंत्री ने क्या कुछ कहा?
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान लोन रिकवरी को लेकर उठाए गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि उन्हें इस बात की शिकायत मिली है कि कुछ बैंक लोन वसूली के दौरान ग्राहकों से काफी सख्ती से पेश आ रहे हैं. इसे देखते हुए उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि लोन भुगतान की प्रक्रिया में ग्राहकों के साथ मानवता व संवेदना को ध्यान में रखा जाए. उन्होंने कहा कि आरबीआई की तरफ से भी इस दिशा में निर्देश जारी किया गया है.
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रिकवरी एजेंट को भेजकर किया जाता है प्रताड़ित
मंत्री सीतारमण ने कहा कि बैंकों को ग्राहकों के साथ दयाहीन जैसा बर्ताव नहीं करना चाहिए. लोन वसूली के तरीके को लेकर आरबीआई की तरफ से साफ-साफ निर्देश दिए जा चुके हैं. जिसमें कोई भी बैंक ग्राहकों को भुगतान के लिए तंग नहीं कर सकता है. इसके बावजूद बैंक ग्राहकों के घर पर रिकवरी एजेंट को भेज ग्राहकों को मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हैं.
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आरबीआई में सख्त किए थे कानून
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले साल अगस्त में कुछ संस्थाओं द्वारा उच्च ब्याज दरों की वसूली को रोकने के लिए कदम उठाए थे. डिजिटली लोन देने के मानक भी कड़े किए गए थे. जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे ही मामले में इस साल आरबीआई ने आरबीएल बैंक पर 2.27 करोड रुपए का जुर्माना किया था. बैंक के रिकवरी एजेंट लोन भुगतान नियम का पालन नहीं कर रहे थे.
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