Shivpal Yadav को लेकर अखिलेश ने BJP से कही बड़ी बात, मायावती पर भी कसा तंज

Akhilesh Yadav ने मंगलवार को मीडिया से शिवपाल, मायावती और आजम खान सहित तमाम मुद्दों पर बात की.

चुनाव बाद समाजवादी कुनबे के बीच की दरार एकबार फिर से साफ-साफ दिखाई दे रही है. शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के भाजपा में जाने की अटकलें जोर पकड़ती जा रही हैं. इस बीच उनके भतीजे अखिलेश यादव ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर भाजपा उन्हें लेना चाहती है, इसमें देरी क्यों कर रही है. इस दौरान उन्होंने बसपा अध्यक्ष मायावती पर भी तंज कसा. उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कथित रूप से भाजपा को वोट हस्तांतरित करने के लिए बसपा सुप्रीमो पर हमला करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि भाजपा उन्हें 'राष्ट्रपति' बनाती है या नहीं?
 

Shivpal पर मीडिया से कही बड़ी बात

शिवपाल के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, "अच्छा है, उन्हें उन्हें जल्द ले जाना चाहिए. अगर भाजपा चाचा को लेना चाहती है, तो देर क्यों कर रही हैं? आप खुद सोचें, भाजपा के लोग देरी क्यों कर रहे हैं..आपको सोचना चाहिए कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है." अपने चाचा से नाराजगी का कारण पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा, "मेरी कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन भाजपा को बताना चाहिए कि वह खुश क्यों है?"

चुनाव में अखिलेश के साथ थे शिवपाल

शिवपाल, जिन्होंने सपा के साइकिल चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था, इस मामले पर खुद को थोड़ा अलग थलग महसूस किया और वह मुख्य विपक्षी दल सपा से दूर होते गये और भाजपा से उनकी नजदीकियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने और बाद में ट्विटर पर उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करने के बाद भाजपा में उनके जाने की अटकलें तेज हो गईं.

मायावती पर कसा तंज

बसपा के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा, ''बसपा ने उत्तर प्रदेश चुनाव में अपना वोट भाजपा को हस्तांतरित कर दिया. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा मायावती को राष्ट्रपति बनाती है या नहीं.''

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक फरवरी-मार्च विधानसभा चुनावों में बसपा के वोट भाजपा को हस्तांतरित हो गए. चुनावों पर उत्तर प्रदेश भाजपा द्वारा केंद्रीय पार्टी नेतृत्व को भेजी गई एक रिपोर्ट में बसपा के वोट भाजपा को स्थानांतरित होने पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे उसे बढ़िया अंतर से चुनाव जीतने में मदद मिली. चुनाव के दौरान भी अखिलेश ने मायावती को एक उच्च संवैधानिक पद पर नियुक्त करने के सौदे के तहत भाजपा और बसपा के बीच "गठबंधन" की ओर इशारा किया था.

आजम के साथ है सपा- अखिलेश

आजम खान को लेकर किए गए सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा जेल में बंद विधायक आजम खान के साथ है और आश्चर्य है कि जो अब खुद को जेल में बंद विधायक के हितैषी के रूप में दिखा रहे हैं, वे लोग उस समय कहां थे? जब भाजपा और कांग्रेस उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित मामले दर्ज कर रहे थें.

आजम खान के मुद्दे से अखिलेश परेशान!

आजकल आजम खान का मुद्दा अखिलेश को परेशान कर रहा है. सीतापुर जेल में सपा अध्यक्ष अखिलेश से हाल में मुलाकात नहीं करने पर आजम खान के प्रवक्ता ने विरोध जताया था, बाद में शिवपाल यादव और कांग्रेस नेता और आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आजम से मुलाकात की थी और उनके लिए समर्थन व्यक्त किया था. हालांकि, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा, जिन्होंने खुद को अखिलेश का दूत होने का दावा किया था, उनसे आजम खान ने मिलने से इंकार कर दिया था.