Himachal Floods: बचाव कार्य के बीच 'बिहारी आर्किटेक्ट' कमेंट पर घिरे हिमाचल के सीएम सुक्खू, जानिए क्या है विवाद

डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Updated:Aug 17, 2023, 10:58 PM IST

Sukhwinder Sukhu लगातार आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं.

Himachal Disaster: हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच बादल फटने की घटनाओं ने जबरदस्त कहर बरपाया हुआ है. ऐसे में मुख्यमंत्री महज एक कमेंट के कारण विवाद में फंस गए हैं.

डीएनए हिंदी: Himachal Pradesh News- हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण मची तबाही के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक कमेंट के कारण विवाद में फंस गए हैं. सुक्खू बचाव कार्यों की निगरानी के लिए लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में घूम रहे हैं. इस दौरान उन्होंने एक इंटरव्यू में बड़े पैमाने पर हुए विनाश का कारण 'बिहारी आर्किटेक्ट्स' को बता दिया, जिससे विवाद पैदा हो गया है. विपक्षी दलों भाजपा और आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस कमेंट के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला है. दोनों पार्टियों ने इस कमेंट को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए मुख्यमंत्री की आलोचना की है. साथ ही मुख्यमंत्री को बहानेबाजी करने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से विकास का सिस्टम तैयार करने के लिए कहा है.

हिमाचल में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में बड़े पैमाने पर तबाही मची है. बादल फटने और भू-स्खलन की घटनाओं के कारण राज्य में अब तक 300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों घर व अन्य इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं. राज्य में जुलाई से अब तक 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान होने का आकलन लगाया गया है, जिनमें राज्य के विभिन्न इलाकों को जोड़ने वाले हाइवे और पुल भी शामिल हैं. अकेले राजधानी शिमला में ही गत रविवार से गुरुवार तक ही दर्जनों घर गिरने के साथ ही दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. पूरा शिमला शहर तबाह नजर आ रहा है. ऐसे में बचाव कार्यों पर ध्यान देने के बजाय मुख्यमंत्री विवाद में फंस गए हैं.

क्या कहा था मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री ने बुधवार को Indian Expresx अखबार को इंटरव्यू दिया था, जिसमें मुख्यमंत्री से रिहाइशी इलाकों में तबाही को लेकर सवाल पूछा गया था. इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने एक नहीं बल्कि दो बार बिहारी आर्किटेक्ट शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा, घर नदियों के रास्ते में आ रहे हैं. बहुत सारे ध्वस्त हुए घर स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के मानकों पर पास नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा, लोगों ने क्या किया. लोकल मिस्त्री हैं नहीं. जो बिहारी आर्किटेक्ट आते हैं. वो फटाफट स्ट्रक्चर डिजाइनिंग जैसा कुछ करते नहीं हैं. बस लेंटर पे लेंटर चढ़ाते जाते हैं. मैं यह बात विधानसभा सत्र के समय से बोल रहा हूं. मैं तो उन्हें बिहारी आर्किटेक्ट बोलता हूं. फटाफट बनाते हैं. हम सोचते हैं कि लेंटर पड़ गया तो घर बन गया. 

विवाद होते ही बयान से पलटे सीएम

हालांकि बिहारी आर्किटेक्ट शब्द पर विवाद शुरू होती ही मुख्यमंत्री अपने बयान से पलट गए हैं. उन्होंने गुरुवार को ANI से कहा, मुझे तो पता नहीं है, मैंने तो ऐसा कभी नहीं बोला. बेचारे बिहार के लोग फंसे हुए थे, मैंने उन्हें निकलवाया. वो हमारे भाई हैं. उन्होंने बड़े पैमाने पर नुकसान के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में फॉल्ट को कारण बताया है. 

भाजपा बोली, मजदूरों पर दोष ना थोपें सीएम

राज्य के पूर्व नगर विकास मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के कमेंट्स की आलोचना की है. उन्होंने कहा, जब राज्य आपदा से गुजर रहा है, हम मजदूरों और मिस्त्रियों पर दोष नहीं थोप सकते. वे यहां अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए हैं. उन पर दोष थोपने के बजाय सीएम को राहत कार्य अभियान पर और आगे वैज्ञानिक तरीके से विकास का मैकेनिज्म तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए.

आप बोली, कांग्रेस की देश बांटने की मानसिकता सामने आई

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मालविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के कमेंट को गैरजिम्मेदाराना बताया है. उन्होंने कहा, आप इस बयान की निंदा करती है, जो कांग्रेस की देश बांटने की मानसिकता को दिखाता है. हम सभी पहले भारतीय हैं. यदि स्ट्रक्चरल गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ है तो यह सरकार की नाकामी है. आप कैसे एक मेहनतकश समुदाय पर आरोप लगा सकते हैं. 

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