No Confidence Motion Debate: 137 दिन बाद लौटे Rahul Gandhi करेंगे विपक्षी हमले की शुरुआत, मोदी देंगे 10 अगस्त को जवाब

Written By डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Updated: Aug 08, 2023, 07:16 AM IST

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi in Parliament: मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 8 अगस्त दोपहर 12 बजे चर्चा शुरू होगी. राहुल गांधी के विपक्षी की तरफ से बोलने की शुरुआत करने की संभावना है.

डीएनए हिंदी: Parliament Monsoon Session Latest News- संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ कांग्रेस की तरफ से पेश अविश्वास प्रस्ताव पर आज (8 अगस्त) से लोकसभा में चर्चा शुरू होगी. चर्चा की शुरुआत दोपहर 12 बजे से की जाएगी. अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ सबसे पहले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बोलने की संभावना है, जो अपनी सदस्यता खारिज होने के 137 दिन बाद दोबारा संसद परिसर में कदम रखेंगे. हालांकि 26 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पेश किया था. इस कारण सबसे पहले उन्हें बोलने का मौका मिलेगा, लेकिन वे अपनी जगह राहुल को चर्चा की शुरुआत का मौका दे सकते हैं. अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी के पीएम मोदी को मणिपुर हिंसा से लेकर अडानी ग्रुप तक के मुद्दे पर घेरने की संभावना है. पीएम मोदी की तरफ से विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान गुरुवार 10 अगस्त को शाम 4 बजे जवाब देने की संभावना है.

तीन दिन चलेगी अविश्वास प्रस्ताव पर बहस

मोदी सरकार के इस कार्यकाल में आए पहले अविश्वास प्रस्ताव पर तीन दिन बहस चलेगी. लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने इसके लिए 8 अगस्त से 10 अगस्त तक का समय तय किया है. मंगलवार दोपहर 12 बजे बहस की शुरुआत होगी और शाम 7 बजे तक पक्ष-विपक्ष की बात सुनी जाएगी. इसके बाद बुधवार को भी दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक चर्चा होगी. राज्य सभा में दिल्ली सेवा कानून पर विपक्ष की धज्जियां उड़ाने वाले गृह मंत्री अमित शाह 9 अगस्त यानी बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बोलेंगे. प्रधानमंत्री मोदी सबसे आखिर में विपक्ष के सभी आरोपों पर गुरुवार शाम 4 बजे जवाब देंगे. इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई जा सकती है. 

क्या इस बार भी दिखेगा राहुल के 'गले मिलने' और 'आंख मारने' का नजारा

पीएम मोदी के पिछले कार्यकाल के दौरान भी एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. साल 2018 में यह प्रस्ताव मानसून सत्र के दौरान ही पेश किया गया था. उस अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने संसद में 1 घंटे से भी ज्यादा समय तक सरकार पर हमला बोला था. हालांकि उनके इस हमले से भी ज्यादा चर्चा उनके 'गले लगने' और 'आंख मारने' की हुई थी. दरअसल राहुल गांधी अपना संबोधन खत्म करने के बाद अचानक लोकसभा में सत्ता पक्ष की सीटों के पास पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा लिया था. इसके बाद उन्हें मुस्कुराते हुए आंख मारते देखा गया था. हालांकि 5 साल में राहुल का राजनीतिक अंदाज बहुत बदल चुका है, लेकिन इस बार वे क्या करते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी.

इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकते हैं राहुल

एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुताबिक, राहुल गांधी मणिपुर से लेकर अडानी तक के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरेंगे. राहुल गांधी ने जून में मणिपुर का दौरा किया था और उस दौरान वहां के हिंसक हालात को करीब से देखा था. उन्होंने राहत शिविरों में भी लोगों से मुलाकात की थी. अडानी ग्रुप को लेकर राहुल संसद में हर बार मौका मिलने पर बोलते रहे हैं. इसके अलावा उनके बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला बोलने की संभावना है. 

भाजपा ने जारी किया है सभी सांसदों को व्हिप

भाजपा ने अपने सभी सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए 7 अगस्त से 11 अगस्त तक सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी कर रखा है. संसद में भाजपा नेतृत्व वाले NDA की तरफ से 20 वक्ताओं के अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की संभावना है, जिनमें भाजपा नेताओं के अलावा अन्य सहयोगी दलों से भी कई नाम शामिल हैं.

वोट का गणित मोदी सरकार के पक्ष में

साल 2018 में आए अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार की 199 वोट से एकतरफा जीत हुई थी. NDA में भाजपा के सहयोगी दल TDP ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें वोट का गणित NDA के 325 और विपक्ष के 126 वोट रहे थे. इस बार भी वोट का गणित मोदी सरकार के ही पक्ष में है. सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 सीट का है, जबकि भाजपा के ही सांसद 301 हैं. इसके अलावा NDA के अन्य दलों के सांसद भी मौजूद हैं. 

मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी को सदन में बुलाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव

लोकसभा में नंबर गेम अपने पक्ष में नहीं होने के बावजूद कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का खास कारण है. दरअसल कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में आकर मणिपुर हिंसा पर बयान देने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांग को ठुकराती रही है. इसी कारण कांग्रेस ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है ताकि पीएम मोदी को इस पर सदन में बोलने के लिए मजबूर कर सके. 

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