Astro Remedies: मंदिर में पूजा के बीच हो जाए कोई गलती तो तुरंत जप लें महादेव का ये मंत्र, भूल चूक हो जाएगी माफ 

नितिन शर्मा | Updated:Sep 26, 2023, 07:00 PM IST

पूजा करने के दौरान कई बाद भूल वश कुछ गलतियां हो जाती हैं. इसके पश्चाताप के लिए व्यक्ति परेशान होता रहता है. मन ही मन पान चढ़ने से लेकर भगवान से माफी मांगने के रास्ते तलाशता है. अगर आप से भी ऐसी कोई गलती होती है तो इस मंत्र का जप कर लें.

डीएनए हिंदी: (Astro Remedies) अक्सर मंदिर जाने से लेकर पूजा पाठ के बीच कुछ न कुछ गलती या भूल हो जाती है. इसे लेकर लोग परेशान होने लगते हैं. मन ही मन पाप चढ़ने से लेकर भगवान से माफी मांगने के लिए रास्त तलाशते हैं. इसी के लिए शिवपुराण में एक ऐसा मंत्र बताया गया है,​ जिसे जपने मात्र से ही सभी गलती और भूल चूक को भगवान भूल जाते हैं. महादेव के इस छोटे से मंत्र को बोलने मात्र से भी भगवान पूजा में हुई बड़ी से बड़ी गलतियों को माफ कर देते हैं. महादेव के इस मंत्र को मंदिर में जाने से पहले या फिर बाद में पढ़ लें. इसे जपने मात्र से सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी. 

भगवान शिव का यह मंत्र बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आसानी से याद हो जाएगा. शिवपुराण में बताया गया है भगवान शिव के इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि इसके जप मात्र से ही भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है. महादेव के अलावा दूसरे देवता भी इस मंत्र के जप से मनोकामना पूर्ति करते हैं. साथ ही क्षमा भी स्वीकार कर लेते हैं. आइए जानते हैं भगवान शिव का वह मंत्र, जिसे सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी.

मंदिर के द्वार पर पढ़ें ये मंत्र 

शिवपुराण की मानें तो मंदिर में एंट्री करने से पहले भक्तों को पंचाक्षरी मंत्र ऊं नमः शिवाय जरूर बोलना चाहिए. इस मंत्र को बोलने मात्र से ही भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. इसकी वजह इस मंत्र का बहुत ही शक्तिशाली मंत्रों से एक होना है. इसमें संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञान बसा है. पूजा के दौरान भी कोई गलती और भूल होने पर सच्चे मन से ऊं नमः शिवाय मंत्र के जाप करने से ही सभी गलतियों की काफी मिल जाती है. किसी भी देवी देवताओं की पूजा में इस मंत्र का जाप करने से माफी के साथ ही मनोकामना पूर्ति होती है. भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस मंत्र के उच्चारण से मोक्ष प्राप्ति होती है. भगवान शिव के इस मंत्र का जप मंदिर के बाहर खड़े होकर बोलते हुए एंट्री करनी चाहिए.  

मंदिर की चौखट पर न रखें पैर 

कुछ लोग मंदिर में प्रवेश करते समय चौखट पर पैर रखकर ही एंट्री करते हैं. शिवपुराण के अनुसार, मंदिर की चौखट पर पैर रखकर ही नहीं रखना चाहिए. इसकी वजह यहां देवी देवताओं के द्वारपाल का होना है. इसलिए मंदिर में जाते समय चौखट पर बिना पैर रखें. उसे फांद कर जाना सही रहता है. ऐसा करने व्यक्ति पाप का भागी नहीं बनता. 
 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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