डीएनए हिंदीः हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में भगवान और मंदिरों (Hindu Mandir) से कई रहस्य जुड़े हुए हैं जो आज के वैज्ञानिक युग में भी लोगों को अपनी और आकर्षित करते हैं. कई जगहों पर ऐसे चमत्कार देखने को मिलते हैं जिन्हें वैज्ञानिक भी नहीं समझ सके हैं. भारत के राजस्थान में स्थिति भगवान शिव का एक मंदिर (Hindu Mandir) भी ऐसा ही है जहां पर शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है. राजस्थान के इस मंदिर (Hindu Mandir) में शिवलिंग के रंग बदलने के चमत्कार के कारण यह श्रद्धालुओं में आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां मंदिर (Hindu Mandir) के शिवलिंग का अद्भुत दृश्य देखने (Amazing Hindu Temple) के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.
राजस्थान में स्थित इस मंदिर में शिवलिंग बदलता है रंग
शिवलिंग के रंग बदलने वाला यह मंदिर राजस्थान के धौलपुर में चंबल के बीहड़ों में स्थित है. इस चमत्कारी मंदिर को 'अचलेश्वर महादेव मंदिर' (Achaleshwar Mahadev Mandir) के नाम से जानते हैं. बीहड़ों में होने कारण इस मंदिर ने कम लोग आते थे लेकिन शिवलिंग के इस चमत्कार के कारण इस मंदिर (Achaleshwar Mahadev Mandir) में अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं. यहां पर सावन के महीने में विशेष पूजा का आयोजन भी किया जाता है.
अचलेश्वर महादेव मंदिर का रहस्य (Achaleshwar Mahadev Mandir)
मंदिर की स्थारपना और इसकी शिवलिंग की स्थापना से जुड़ी कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है. हालांकि यह मंदिर करीब 1 हजार साल से ज्यादा पुराना है. मंदिर में शिवलिंग की गहराई को जानने के लिए खुदाई की गई लेकिन कई दिनों तक खुदाई के बाद भी इसके अंतिम छोर तक नहीं पहुंचा गया. बता दें कि, मंदिर के शिवलिंग की गहराई का पता लगाने के लिए खुदाई पुराने जमाने में राजा महाराजाओं ने कराई थी.
पूरे दिन में तीन अलग-अलग रंगों में नजर आता है शिवलिंग
राजस्थान के अचलेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है. यह शिवलिंग सुबह को लाल नजर आता है, शाम को केसरिया और रात को सांवला हो जाता है. शिवलिंग के रंग बदलने के पीछे क्या वजह है इसे वैज्ञानिक भी नहीं जान सके हैं. ऐसी मान्यता है कि इस रहस्मयी शिवलिंग के दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर