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Sweden की पहली महिला PM का 10 महीने में दूसरी बार इस्तीफा, जानिए कौन हैं वो और क्यों किया ऐसा

मेगदालेना एंडरसन को पिछले साल भी निर्वाचन के महज 7 घंटे के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन सप्ताह भर में वे दोबारा प्रधानमंत्री बन गई थीं.

Sweden की पहली महिला PM का 10 महीने में दूसरी बार इस्तीफा, जानिए कौन हैं वो और क्यों किया ऐसा
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डीएनए हिंदी: स्वीडन (Sweden) की पहली महिला प्रधानमंत्री मेगदालेना एंडरसन (Magdalena Andersson) को महज 10 महीने के अंदर दूसरी बार पद से इस्तीफा देना पड़ा है. नॉर्डिक रीजन (Nordic Region) के इस सबसे बड़े देश की प्रधानमंत्री एंडरसन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी को चुनावों में बेहद करीबी अंतर से हार मिली है. 

रविवार को हुए चुनावों की मतगणना बुधवार देर रात पूरी हुई थी, जिसमें चुनाव प्राधिकरण ने उनकी पार्टी की हार की घोषणा की थी. इसके तत्काल बाद एंडरसन ने स्टॉकहोम (Stockholm) में मीडिया को बताया था कि वे गुरुवार सुबह अपना इस्तीफा दाखिल कर देंगी. 

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अप्रवासी विरोधी पार्टी के विपक्ष को समर्थन करने से मिली हार

एंडरसन की पार्टी को मॉडरेट पार्टी के नेता उल्फ क्रिस्टिरसन (Ulf Kristersson) के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट ने बेहद करीबी अंतर से हराया है. इस हार में अप्रवासियों के देश में आने का विरोध करने वाली स्वीडन डेमोक्रेट्स पार्टी ने विपक्षी गुट को समर्थन देकर अहम भूमिका निभाई है. इसे स्वीडन के इतिहास का सबसे करीबी अंतर वाला चुनाव बताया जा रहा है.

स्वीडन डेमोक्रेट्स ने चुनाव के दौरान देश में बढ़ते अपराध को मुद्दा बनाया था और 'मेक स्वीडन सेफ अगेन' का नारे पर वोट करने की अपील की थी. इसके लिए उन्होंने जेल की सजाएं लंबी करने और अप्रवासियों के देश में बसने पर रोक लगाने की बात कही थी.

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हार मानने को तैयार नहीं एंडरसन, दे दिए हैं संकेत

हालांकि एंडरसन ने यह भी कहा है कि यदि क्रिस्टिरसन प्रधानमंत्री पद नहीं संभाल पाते हैं तो वे आगे भी देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के नेता का पद छोड़ने की कोई योजना नहीं होने की भी बात कही है. उन्होंने साफतौर पर कहा कि स्वीडन सरकार के संकट में फंसने से महज 1 या 2 वोट ही दूर है.

उधर क्रिस्टिरसन ने प्रधानमंत्री बनने के लिए तीन दलों से समर्थन पाने की वार्ता शुरू कर दी है. इनमें नेशनलिस्ट्स पार्टी भी शामिल है, जो सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जाती है. माना जा रहा है कि अगले कुछ दिन में देश में सत्ता संभालने वाली सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी.

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पिछले साल PM बनने के 7 घंटे बाद दिया था एंडरसन ने इस्तीफा

मेगदालेना एंडरसन को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने के तत्काल बाद संकट का सामना करना पड़ा था. नवंबर, 2021 में उन्हें पीएम पद की शपथ लेने के महज 7 घंटे बाद गठबंधन में सहयोगी दल के समर्थन वापस लेने पर इस्तीफा देना पड़ा था. हालांकि महज एक सप्ताह बाद ही वे दोबारा समर्थन जुटाकर प्रधानमंत्री बनने में सफल हो गई थीं.

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दो बच्चों की मां एंडरसन अपनी पार्टी की महज दूसरी महिला नेता

55 साल की मेगदालेना एंडरसन दो बच्चों की मां हैं और उनके पति रिचर्ड फ्रीबर्ग स्टॉकहोम स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं. एंडरसन इसी स्कूल की स्टूडेंट रह चुकी हैं. 23 जनवरी 1967 को जन्मी एंडरसन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता पद पाने वाली महज दूसरी महिला हैं. 

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21 साल में देश की टॉप पोजिशन पर पहुंचीं 

एंडरसन देश की टॉप पोजिशन पर पहुंचने से 21 साल पहले 1996 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. वह पहले गोरान पर्सन की राजनीतिक सलाहकार और फिर योजना निदेशक बनीं. साल 2004 में वे वित्त मंत्रालय में राज्य सचिव बनीं. फिर साल 2009 से 2012 तक स्वीडिश टैक्स एजेंसी की डिप्टी डायरेक्टर रहीं. साल 2012 में उनका असली राजनीतिक जीवन शुरू हुआ और वे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी में आर्थिक नीति प्रवक्ता बनाई गईं. उन्हें 2014 में पार्टी के चुनाव जीतने पर वित्त मंत्री बनाया गया. पिछले साल 4 नवंबर को उन्हें पार्टी प्रमुख चुना गया, जिसके बाद वे प्रधानमंत्री चुनी गईं.

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