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Fat Vs Trans fat: खाने को टेस्टी बनाने वाले ट्रांस फैट, ऐसे बिगाड़ रहे हैं आपके हेल्थ का जायका

Fat और Trans fat के अंतर को समझ लेंगे तो कभी नहीं खाएंगे जंक फूड, ट्रांस फैट कैसे बनता है और शरीर में कैसे यह बीमारियों को देता है जगह

Fat Vs Trans fat: खाने को टेस्टी बनाने वाले ट्रांस फैट, ऐसे बिगाड़ रहे हैं आपके हेल्थ का जायका
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डीएनए हिंदी : Fat और Trans fat दोनों में काफी अंतर है.हम दोनों को एक ही समझने लगते हैं जिसकी वजह से ट्रांस फैट से होने वाले नुकसान को हम नजरअंदाज कर देते हैं.आजकल हर कोई कोई ना कोई बीमारी से जूझ रहा है. किसी का शुगर लेवल हाई है तो किसी को दिल की बीमारी है लेकिन क्या हमने इसके पीछे के कारण को समझा है.

हमें लगता है हम तो अच्छा खाना खाते हैं लेकिन अगर आप अपने खाने के मेन्यू को देखेंगे तो उसमें ट्रांस फैट से बना खाना ज्यादा होता है. यह ट्रांस फैट हमारी सभी बीमारियों का घर है. आज हम जानते हैं ट्रांस फैट है क्या और कैसे शरीर को बीमारी का घर बनाता है. 

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खाद्य पदार्थों में दो प्रकार के ट्रांस फैट पाए जाते हैं. प्राकृतिक ट्रांस फैट (Natural trans fat) और आर्टिफिशिअल ट्रांस फैट (Artificial trans fat) 

प्राकृतिक ट्रांस फैट कुछ जानवरों के पेट में उत्पन्न होते हैं और इन जानवरों से बने खाद्य पदार्थों (दूध और मांस उत्पादों) में पाया जाता है. वहीं आर्टिफिशिअल या कृत्रिम ट्रांस फैट प्रोसेस्ड किया जाता है, जो लिक्विड वनस्पति (Dalda) तेलों के रूप में बाजार में खूब बिकता है.

दरअसल,जब फैट को प्रोसेस्ड करके रासायनिक रूप में बदला जाता है तब उसे ट्रांस फैट कहते हैं और हम आज के समय में सबसे ज्यादा ट्रांस फैट का ही इस्तेमाल कर रहे हैं. हम जो भी जंक फूड (Junk Food) खाते हैं या फिर पैकेज्ड फूड (Processed Food) जिनकी सेल्फ लाइफ होती है वो ट्रांस फैट ही है.

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FSSAI के नियम

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI)ने भी खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट (Trans fat) के इस्तेमाल को कम करने के लिए कुछ नियम जारी किए थे, नियमों के मुताबिक, FSSAI ट्रांस फैट की मात्रा को 2022 के अंत तक 2 फीसदी तक लाने के प्रयास में है.

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी 2022 तक दुनिया को ट्रांस फैट से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. हालांकि कई देशों में यह पूरी तरह से बैन है 

हेल्थ के नुकसान  (Health Side effects of Trans fat) 

आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाता है, 
दिल की बीमारी की शिकायत बढ़ जाती है 
ट्रांस फैट खाने से स्ट्रोक (Heart disease and stroke) होने का खतरा बढ़ जाता है। 
यह टाइप-2 डायबिटीज के विकास के जोखिम को भी बढ़ा देता है
मोटापा बढ़ता है और उससे कई और बीमारियां होती हैं 

कैसे बचें (How to Avoid Trans fat)

ट्रांस फैट से बने खाद्य पदार्थों से बचना काफी मुश्किल है लेकिन आप कोशिश कर सकते हैं 

ट्रांस फैट किसमें पाया जाता है 

- बेकरी आइटम जैसे- केक, कुकीज और पाई
- माइक्रोवेव पॉपकॉर्न
- फ्रोजन पिज्जा
- रेफ्रिजेरेटेड आटा, बिस्कुट और रोल
- फ्राइड फूड्स जैसे- फ्रेंच फ्राइज, डोनट्स और फ्राइड चिकन
- नॉन डेयरी प्रोडक्ट्स

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.) 


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